




2026-10-24 18:32:40
नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कथित अतिक्रमण और शांति बनाए रखने के लिए दिए गए बंधपत्र के उल्लंघन से जुड़े मामले में जमानत मिलने के कुछ दिनों बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं आशुतोष रांका, अजिंक्य और सौरव दास ने शुक्रवार को संबंधित कार्यपालक दंडाधिकारी की अदालत में उपस्थित होकर प्रतिभुओं का सत्यापन कराया। सत्यापन की प्रक्रिया शांतिपूर्वक पूरी हो गई, लेकिन इन नेताओं की कानूनी मुश्किलें अभी समाप्त नहीं हुई हैं। मामले में अगली सुनवाई 3 नवंबर को तय है। तीनों नेता दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा के सामने भी उपस्थित हुए। कॉकरोच जनता पार्टी नेता आशुतोष रांका ने स्पष्ट किया है कि नेताओं की गिरफ्तारी या कारागार जाने से आंदोलन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनसे पूछा गया कि अगर आंदोलन के नेताओं को हिरासत में ले लिया जाता है, तो आंदोलन कैसे आगे बढ़ेगा? इस पर रांका ने कहा कि आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा, हम नेता नहीं हैं, बल्कि उस मंच के संरक्षक हैं, जो इस देश के लोगों ने हमें दिया है। हम सिर्फ अपनी तरफ से सर्वश्रेष्ठ करने की कोशिश कर रहे हैं। हम कारागार में हों या कारागार से बाहर, आंदोलन जारी रहेगा। रांका ने आगे कहा कि इस पूरे घटनाक्रम से उन्हें अपने बारे में और यह समझने का अवसर मिला है कि मौजूदा सत्ता व्यवस्था किस तरह काम करती है। उन्होंने कहा, हमने अपने बारे में और इस बात को लेकर बहुत कुछ सीखा है कि सत्ता व्यवस्था किस तरह काम करती है। जरूरत के मुताबिक हम निश्चित रूप से खुद को बदलेंगे और विकसित करेंगे। रांका के इस बयान को आंदोलन की रणनीति में संभावित बदलाव और नेतृत्व की गिरफ्तारी के बावजूद इसे जारी रखने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
कॉकरोच जनता पार्टी नेता सौरव दास ने संचार माध्यमों से बातचीत में कार्यपालक दंडाधिकारी की अदालत में चल रही कार्यवाही का सम्मान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि संगठन ने इन कार्यवाहियों से जुड़ी जानकारी संचार माध्यमों के साथ साझा नहीं की है और जिन लोगों की ओर से इस प्रक्रिया से संबंधित सूचनाएं उजागर की जा रही हैं, उन्हें भी न्यायिक प्रक्रिया की गंभीरता समझनी चाहिए। सौरव दास ने कहा, मैं सभी से अनुरोध करूंगा कि वे कार्यपालक अदालत में चल रही कार्यवाही का सम्मान करें। हम इन कार्यवाहियों के बारे में संचार माध्यमों के साथ कोई जानकारी साझा नहीं कर रहे हैं। जो लोग जानकारी उजागर कर रहे हैं, उन्हें भी न्यायिक प्रक्रिया का सम्मान करना चाहिए।उन्होंने आगे कहा कि इस मामले को हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए और जरूरत पड़ने पर संगठन भी कार्रवाई कर सकता है। दास ने कहा, उन्हें इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए, क्योंकि जरूरत पड़ने पर हम भी कार्रवाई कर सकते हैं।





| Monday - Saturday: 10:00 - 17:00 | |
|
Bahujan Swabhiman C-7/3, Yamuna Vihar, DELHI-110053, India |
|
|
(+91) 9958128129, (+91) 9910088048, (+91) 8448136717 |
|
| bahujanswabhimannews@gmail.com |