देशभर में दलितों के उत्पीड़न व उनके मानवाधिकारों के हनन की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रहीं हैं और देश का मुख्य व बड़ा मीडिया दलितों से जुड़ी खबरों को अहमियत नहीं दे रहा है। ऐसे में ‘बहुजन स्वाभिमान’ की कोशिश ऐसी खबरों को सामने लाकर उनकी आवाज सशक्त उठाने की है। साथ ही दलित समाज से जुड़ी सच्ची खबरों, उपलब्धियों व उनके महापुरुषों के बारे में सटीक जानकारी को भी सबके सामने लाना है। ताकी वे उनके द्वारा किये गये संघर्ष को जान सकें और उससे प्रेरित हो सकें।
हमारा यह प्रयास है कि बहुजन समाज की जनता जागरूक हो और अपने अधिकारों को पाने के लिए संघर्षरत रहे।
-उद्देशिका-
बहुजन स्वाभिमान की लड़ाई जुल्मो और नाइंसाफी के खिलाफ है।
बहुजन स्वाभिमान समाज में स्वाभिमान व मानवतावाद को बढ़ाने का एक प्रयास है।
बहुजन स्वाभिमान एक प्रेरक हथियार है बहुजन समाज के शोषण को रोकने के लिये।
बहुजन स्वाभिमान एक संघर्ष है नारी के सम्मान के लिये।
बहुजन स्वाभिमान लड़ाई है समंता, स्वतंत्रता, बंधुत्वा एवं न्याय के लिये।
बहुजन स्वाभिमान एक नाम स्वाभिमान से जीने का है।
बहुजन स्वाभिमान एक नाम है देश की सम्प्रभुता, एकता, अखंडता के लिय है।
बहुजन स्वाभिमान एक पुकार है सोये हुए बहुजन समाज को जगाने के लिये।
बहुजन स्वाभिमान एक आवाज है दबे हुए जमीर को उठाने के लिये।
बहुजन स्वाभिमान एक आवाज है मानसिक गुलामी को उतारकर फैंकने के लिए।
बहुजन स्वाभिमान एक ललकार है देश मे बहुजनों को हुक्मरान बनाने के लिये।
जय भीम, जय संविधान