Saturday, 29th November 2025
Follow us on
Saturday, 29th November 2025
Follow us on

1857 की क्रांति के जनक क्रांतिकारी मातादीन

News

2025-11-29 15:11:49

सन 1857 की क्रांति के जनक क्रांतिकारी मातादीन का जन्म 29 नवम्बर (वर्ष अज्ञात) को मेरठ के एक वाल्मीकि परिवार में हुआ था। उनका परिवार काम के लिए मेरठ से कलकत्ता चला गया। मातादीन बदन से बहुत मजबूत था। मातादीन ईस्ट इंडिया कंपनी की बंगाल रेजिमेंट की 34 वीं कम्पनी में हवलदार पद पर नियुक्त हो गये। यह छावनी बैरक पुर में स्थित है जो कलकत्ता से लगभग 100 किलोमीटर दूर है। उसकी मंगल पांडे नामक ब्राह्मण सैनिक से दोस्ती थी। 29 मार्च 1857 को एक घटना घटी। एक दिन मंगल पांडे के लोटा से पानी पीने पर मातादीन का मंगल पाण्डे से झगड़ा हो गया। मंगल पाण्डे ने मातादीन को ताना मारा और अपमान किया की तू वाल्मीकि होकर ब्राह्मण के लोटे से पानी कैसे पी सकता है? तूने मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया। तब मातादीन ने मंगल पाण्डे को लताड़ लगाई और कहा कि मेरे द्वारा लोटे से पानी पीने पर तुम्हारा धर्म भ्रष्ट हो जाता है। लेकिन तुम अंग्रेजों द्वारा बनाई गई बंदूकों के कारतूसों पर लगी गाय व सुअर की चर्बी का प्रयोग करते हो, तब तुम्हारा धर्म भ्रष्ट नहीं होता। मंगल पाण्डे ने कहा की यह बात हमें मालूम नहीं है। तब मातादीन ने मंगल पाण्डे को कारतूसों की टोपी पर चर्बी लगाने की सारी हकीकत बतायी चूंकि वह उस स्थान पर भी आता जाता था और वर्कशाप में कारतूस की टोपी पर चर्बी लगाने का काम उसने स्वयं देखा था। मातादीन के इस सच्चाई को बताने के बाद मंगल पाण्डे बहुत क्रोधित हुआा और अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने की ठान ली। अपने साथी सैनिकों को कारतूस वाली कहानी बताकर अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह करने की योजना बनाई।

एक दिन मैदान में परेड करते समय भारतीय सैनिकों ने अंग्रेज अफसर का हुकुम मानने से इनकार कर दिया और कहा कि हम यह बंदूकें नहीं उठायेंगे चूंकि इनमें गाय और सूअर की चर्बी का कारतूस में इस्तेमाल होता है। इस प्रकार बैरक पुर छावनी में सैनिक विद्रोह हो गया। सभी विरोधी सैनिकों पर मुकदमा हुआ। सभी विद्रोह करने वाले 84 सैनिकों को अंग्रेजों ने फांसी दे दी। अप्रैल 1857 को मातादीन के नेतृत्व में विद्रोह की धार्मिक भावना भड़काने और अपराध को प्रेरित करने के अपराध में मुकदमा चला, उसे भी फाँसी की सजा मिली। इस मुकदमे का नाम था-सरकार बनाम मातादीन। यह सच्चाई बताती है कि इस क्रांति का असली नायक मातादीन था न कि मंगल पांडे। उसने धर्म के आधार पर विद्रोह किया था न कि देश भावना से प्रेरित होकर। लेकिन भारतीय इतिहासकारों ने बेईमानी की। मंगल पांडे का गुणगान किया और उसे इस क्रांति का नायक बना दिया लेकिन क्रांति के जन्मदाता मातादीन का नाम नदारद कर दिया। यह जातिवाद के कारण ही किया गया। सच्चाई को दबाया गया, इतिहास गलत लिखा गया। दूसरे इतिहासकार मंगल पांडे को मेरठ क्रांति से भी जोड़ते हैं जोकि सच नहीं है। मंगल पाण्डे को पहले ही 9 अप्रैल 1857 में फाँसी पर लटका दिया गया था जबकि मेरठ क्रांति 10 मई 1857 में शुरू हुई।

क्रांतिकार मातादीन जी को कोटि-कोटि नमन!

Post Your Comment here.
Characters allowed :


01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 16:38:05