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समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले से वास्तविक श्रेय छीनना चाहती है आरएसएस

प्रकाश चंद
News

2024-09-14 10:24:03

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत के एक और नए झूठ से नया विवाद खड़ा हो गया है। मिलिंद पराडकर की किताब तंजावुर के मराठा का पुणे में लोकार्पण किया गया। इस दौरान मोहन भागवत द्वारा शिवाजी महाराज की समाधि का श्रेय लोकमान्य तिलक को दिए जाने से नया विवाद खड़ा हो गया है। पुणे में एक भाषण के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत के इस दावे ने कि स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक ने शिवाजी महाराज की समाधि की खोज की थी। भागवत की इस टिप्पणी पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के नेताओं ने समाज सुधारक ज्योतिराव से श्रेय छीनने की साजिश का आरोप लगाया है। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री छगन भुजबल ने छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि की खोज को लेकर आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के बयान से असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि कहा कि समाज सुधारक महात्मा ज्योतिराव फुले ने रायगढ़ किले में छत्रपति शिवाजी महाराज की समाधि की खोज की थी। दरअसल, संघ प्रमुख के इस बयान के बाद कई नेताओं ने आरोप लगाया है कि तिलक का नाम लेना इतिहास को फिर से लिखने की एक बड़ी हिंदुत्व साजिश का हिस्सा है। इतिहासकारों ने समाधि की खोज करने वाले व्यक्ति के रूप में तिलक का नाम शामिल करने पर भी सवाल उठाया है। दावा किया जाता है कि तिलक द्वारा समाधि की खोज का कोई ऐतिहासिक संदर्भ नहीं है। जबकि तिलक ने 1895 के बाद से स्मारक के लिए एक आंदोलन का नेतृत्व करने में भूमिका निभाई और परियोजना के लिए धन जुटाया, लेकिन जिस बैंक में इसे जमा किया गया था, वह पूरी राशि डूब गई थी।

1680 में शिवाजी महाराज की मृत्यु के बाद रायगढ़ के किले में उनका अंतिम संस्कार किया गया। बाद में वहां उनकी एक समाधि बनाई गई। हालांकि शिवाजी की मृत्यु के तुरंत बाद समाधि की उपस्थिति का विवरण देने वाला कोई समकालीन रिकॉर्ड नहीं है। लेकिन कहा जाता है कि एक दशक के अंतराल के बाद किले पर मुगलों का कब्जा हो गया और 1689 से 1733 तक उनके नियंत्रण में रहा। मराठों ने 1733 में किले पर पुन: कब्जा कर लिया और यह 1818 तक उनके नियंत्रण में रहा, जब तक की ब्रिटिश सेना ने आक्रमण नहीं किया था। कहा जाता है कि किले पर कब्जे के दौरान अंग्रेजों ने लगातार गोलाबारी की, जिससे समाधि सहित अंदर की कई संरचनाओं को नुकसान पहुंचा। लेखक जेम्स डगलस ने अपनी 1883 की पुस्तक ए बुक आॅफ बॉम्बे में किले की अपनी यात्रा का वर्णन करते हुए कहा कि अब किसी को भी शिवाजी की परवाह नहीं है। डगलस ने किले और समाधि की उपेक्षा के बारे में बाद के मराठा शासकों से भी सवाल किया।

ज्योतिबा फुले ने खोजी समाधि

बाल गंगाधर तिलक के परपोते रोहित तिलक ने दावा किया था कि फुले ने मराठा शासक की समाधि की खोज की थी, लेकिन यह लोकमान्य तिलक थे जिन्होंने इसके जीर्णोद्धार की प्रक्रिया शुरू की थी। वहीं अभिलेखों से संकेत मिलता है कि अंग्रेजों को समाधि के स्थान के बारे में पता था। हालांकि वे अक्सर वहां नहीं जाते थे। कहा जाता है कि 1869 में ज्योतिराव फुले ने इस स्मारक का दौरा किया था। फुले 19वीं सदी के भारत में एक महत्वपूर्ण व्यक्ति थे, जिनका सामाजिक-राजनीतिक परिदृश्य, विशेषकर ओबीसी और हाशिए पर रहने वाले समुदायों पर गहरा और स्थायी प्रभाव था। वह जाति व्यवस्था के कट्टर आलोचक थे और सामाजिक और शैक्षिक सुधार के माध्यम से ओबीसी सहित निचली जातियों के सशक्तिकरण पर ध्यान केंद्रित करते थे।

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01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 11:08:05