Monday, 5th January 2026
Follow us on
Monday, 5th January 2026
Follow us on

विश्व बौद्ध ‘धम्म ध्वज’ दिवस

News

2026-01-03 14:39:50

8 जनवरी, 1880 बौद्ध जगत में विशेष महत्व का दिन है क्योंकि इसी दिन ‘धम्म ध्वज’ की स्थापना हुई थी। यह धम्म ध्वज सम्पूर्ण विश्व को शांति, प्रगति मानवतावाद और समाज कल्याण की सदैव प्रेरणा देता है। इस धम्म ध्वज में पांच रंग होते है जिनका अपना अर्थ और भाव है। चूँकि इस धम्म ध्वज में 5 रंग हैं इसलिए इसको पंचशील का झंडा भी कहा जाता है। धम्म ध्वज हमारी आन, बान और शान है।

आओ धम्म ध्वज के पांच रंगों के भावार्थ को हम

बाएं से दाएं क्रमवार इस प्रकार समझें

(1) नीला रंग :- इस रंग का भावार्थ है समानता और व्यापकता- अर्थात इस नीले आसमान के नीचे सभी व्यक्ति सामान है। सार्वभौमिक करुणा। सभी प्राणी मात्र के प्रति कल्याण करने की भावना रखना।

(2) पीला रंग :- इस रंग का भावार्थ है मध्यम मार्ग- जैसा कि विदित है कि बुद्ध ने मध्यम मार्ग हेतु अष्टांगिक मार्ग पर चलने का रास्ता बताया है जो ‘निर्वाण’ प्राप्ति यानि चरित्र सम्पन्न, उत्कृष्ट जीवन जीने का, प्रगति का सरल और सुस्पष्ट मार्ग है।

(3) लाल रंग :- इस रंग का भावार्थ है- गतिशीलता और दृढ़ निश्चय। उजार्वान और परिश्रमी बनना। प्रत्येक व्यक्ति को धर्मानुसार आचरण करना चाहिए। अपने वांक्षित उद्देश्य की पूर्ति तथा जनकल्याण के लिए कठिन परिश्रम करना चाहिए। धम्म की रक्षा हेतु बलिदान तक करने के लिए सदैव तैयार रहना चाहिए।

(4) सफेद रंग :- इस रंग का भावार्थ है- शांति और शुद्धता। मन, वचन और कर्म से व्यक्ति शुद्ध और पवित्र होना चाहिए। शीलवान और चरित्र संपन्न व्यक्ति बनने का हर संभव प्रयास करना चाहिए। सफेद रंग भगवान बुद्ध के विचारों की पवित्रता और शुद्धता का घोतक है।

(5) केसरिया रंग :- इस रंग का भावार्थ है त्याग और सेवा- प्रज्ञा, बुद्धिवाद, उच्चतम शिक्षा की प्राप्ति। प्रत्येक व्यक्ति को सुशिक्षित होने के लिए अच्छी से अच्छी शिक्षा लेनी चाहिए। शिक्षा प्राप्त करना, ज्ञान प्राप्त करना बुद्ध धम्म का प्रथम सन्देश है। मन को सुसंस्कृत और नियंत्रित करने के लिए शिक्षा नितांत आवश्यक है। अत: प्रत्येक व्यक्त्ति को अच्छी से अच्छी शिक्षा मिलनी ही चाहिए। उचित शिक्षा के द्वारा ही व्यक्त्ति प्रज्ञावान बनता है और सेवा और त्याग के लिए तत्पर रहता है।केसरिया भगवान बुद्ध के चीवर का रंग है जो शक्त्ति और साहस को दशार्ता है।

इस प्रकार ‘धम्म ध्वज’ से संपूर्ण बौद्ध धम्म का भाव और सार प्रकट होता है इसलिए धम्म ध्वज को पूरा आदर और सम्मान देना चाहिए।

Post Your Comment here.
Characters allowed :


01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 16:38:05