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भगवान बुद्ध का दिया गया शब्द है ‘सनातन’

भगवान बुद्ध का दिया गया शब्द है ‘सनातन’
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2024-11-16 09:13:21

सनातन शब्द भगवान बुद्ध द्वारा दिया गया है जिसका मतलब होता है ‘साश्वत’ या सदा बने रहने वाला, अर्थात जिसका न आदि है और न अंत। सनातन शब्द को वर्तमान में संघी भाजपा के लोग अधिक इस्तेमाल कर रहे हैं और इस शब्द के इस्तेमाल के द्वारा आम लोगों में यह भ्रम स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं कि हिन्दू धर्म सनातन है, यह आदि काल से विद्यमान है इसलिए भारत भूमि पर रहने वाले सभी संप्रदाय, भिन्न-भिन्न धार्मिक मान्यताओं के लोग भी हिन्दू हैं। यहाँ पर रहने वाले सभी को अपने आप को हिन्दू मानना चाहिए। यह पूर्णतया भ्रामक व जनता को बरगलाने वाला है। तथ्य यह है कि हिन्दू शब्द जिसे सनातन बताया जा रहा है उसकी उत्पत्ति दसवीं शताब्दी के बाद की है तो फिर हिन्दू सनातन साश्वत कैसे हुआ? मनुवादियों का यह चारित्रिक आचरण रहा है कि देश की भोली-भाली जनता को अपने झूठे और भ्रामक कृत्यों में इस प्रकार उलझाओ ताकि वे सत्य को समझ ही न पायें। इस तरह का व्यवहार पिछले 10-12 वर्षों से इस देश में मनुवादी सरकारों द्वारा बड़ी तेजी से फैलाया जा रहा है। इस तरह के असत्य प्रचार के लिए पूरे देश में कथित पंडे-पुजारी, बाबा, संत व अन्य सभी प्रकार के पाखंडी मानसिकता के लोगों को सरकारी मदद से मैदान में उतारकर आदेशित किया गया है कि जनता में इस प्रचार को पूरे छल-बल धन से स्थापित किया जाये। प्रचार इस कदर बढ़ाया जाये कि क्षेत्र की हर कालोनी, गली-मौहल्लों में सुबह से शाम तक माइक बजाकर प्रचार को पक्का किया जाये। इसी के मद्देनजर देश में जहाँ-जहाँ 3-4 महीने के भीतर चुनाव होने होते हैं वहाँ-वहाँ पर मनुवादी सरकारें अपने चुने हुए विधायक, सांसद और पार्षद आदि को इस काम में पूर्णतया झोंक देती है और उन्हें आदेशित किया जाता है कि हर कीमत पर इस प्रकार के पाखंडी प्रचार को 18-20 घंटे की आवृति से प्रचारित करना है और यह कार्य बार-बार भी करना है। वर्तमान समय में दिल्ली के सातों सांसद मनुवादी भाजपा से हैं और उनका कार्य देखने से लगता है कि वे अपने क्षेत्र से जुड़े जनता हित के कार्य न करके इस पाखंडी प्रचार में लगे हुए हैं। इन दिल्ली के सातों सांसदों में मनोज तिवारी जो नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से सांसद हैं वे अपना पूरा श्रम और शक्ति इसी काम पर लगाए हुए हैं। मनोज तिवारी तीसरी बार नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली से सांसद बने हैं जिन्होंने अपने पूर्व के दो कार्यकालों में जनता को दिखने वाला कोई भी जनहित का कार्य नहीं किया है और वे इसी पाखंड से चुनाव जीतते आ रहे हैं। जिसे देखकर प्रदेश की जागरूक जनता को लगने लगा है कि प्रदेश की जनता को विकास की ज्यादा जरूरत न होकर पाखंड की ज्यादा जरूरत है। इसी को पहचान कर मनोज तिवारी जी पाखंड प्रचार को सबसे आगे रखकर चल रहे हैं। अब देखना जनता को है कि क्या इस तरह के पाखंड देश और जनहित के होकर देश को आगे बढ़ाने का काम करेंगे? यमुना खादर, दिल्ली में धर्म संसद का आयोजन देवकी नंदन ठाकुर किया जा रहा है। जिसका प्रचार चरम पर है। देश की भोली-भाली जनता को ऐसे कार्यक्रमों में लाने ले जाने के लिए बसों आदि का प्रबंधन किया जा रहा। ये कथित पाखंडी देश की जनता को बतायें कि इन सब चीजों पर होने वाले खर्चे का पैसा कहां से आ रहा है?

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01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 11:08:05