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जब कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा बाबासाहेब को एलएल.डी. की मानद उपाधि से किया गया सम्मानित

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2026-06-01 16:24:49

5 जून 1952 को अमेरिका के न्यूयॉर्क में स्थित प्रतिष्ठित कोलंबिया विश्वविद्यालय द्वारा डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को एलएल.डी. की मानद उपाधि से सम्मानित किया गया था। यह घटना केवल बाबासाहेब के जीवन का ही एक स्वर्णिम क्षण नहीं थी, बल्कि पूरे भारत के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अत्यंत गौरव की बात थी। एक ऐसे विद्वान, जिन्हें बचपन में अपनी जाति के कारण स्कूल में टाट-पट्टी पर बाहर बैठकर पढ़ना पड़ा था, उन्हें दुनिया के सबसे सर्वश्रेष्ठ विश्वविद्यालयों में से एक ने अपने सर्वोच्च सम्मान से नवाजा था। बाबासाहेब डॉ. बी.आर. आंबेडकर का कोलंबिया विश्वविद्यालय से पुराना और गहरा नाता था। उन्होंने 1913 से 1916 के बीच इसी विश्वविद्यालय से अपनी उच्च शिक्षा (एम.ए. और पीएच.डी.) पूरी की थी। उन्होंने यहाँ के प्रोफेसर एडविन आर.ए. सेलिगमैन के मार्गदर्शन में अर्थशास्त्र का गहन अध्ययन किया था। 1952 में जब कोलंबिया विश्वविद्यालय ने अपने इस महान पूर्व छात्र की उपलब्धियों को देखा—जिन्होंने भारत का संविधान लिखा, स्वतंत्र भारत के पहले कानून मंत्री बने और करोड़ों वंचितों को मानवाधिकार दिलाए—तो विश्वविद्यालय ने उन्हें विशेष रूप से अमेरिका आमंत्रित कर इस मानद उपाधि से सम्मानित करने का निर्णय लिया।

दीक्षांत समारोह के दौरान विश्वविद्यालय के तत्कालीन अध्यक्ष ने बाबासाहेब को उपाधि सौंपते हुए जो प्रशस्ति पत्र पढ़ा, वह उनकी वैश्विक विद्वता और कद को दशार्ता है। प्रशस्ति पत्र में लिखा था: डॉ. भीमराव आंबेडकर... आप भारत के एक महान नागरिक हैं। आप भारत के संविधान के प्रमुख निमार्ताओं में से एक हैं, देश के पूर्व कानून मंत्री हैं और भारत की संसद के एक अत्यंत महत्वपूर्ण सदस्य हैं। आपकी इस महान कानूनी विद्वता, राष्ट्र निर्माण में आपके अप्रतिम योगदान और मानव अधिकारों की रक्षा के लिए आपके निरंतर संघर्ष को देखते हुए, कोलंबिया विश्वविद्यालय आपको डॉ. आॅफ लॉ की मानद उपाधि देकर स्वयं को सम्मानित महसूस कर रहा है। विश्वविद्यालय ने उन्हें ‘भारत के संविधान का जनक और मानवीय स्वतंत्रता का एक महान स्तंभ’ कहकर भी संबोधित किया था।

बाबासाहेब के जीवन में इस घटना का महत्व

=1952 का यह कालखंड बाबासाहेब के लिए व्यक्तिगत और राजनीतिक रूप से बहुत व्यस्त और तनावपूर्ण था।

=1951 के अंत में उन्होंने हिंदू कोड बिल के मुद्दे पर नेहरू कैबिनेट से कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

=1952 की शुरूआत में हुए देश के पहले आम चुनाव में उन्हें राजनीतिक षड्यंत्रों के कारण लोकसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था (जिससे वे थोड़े आहत भी थे)।

ऐसे समय में, जब देश की आंतरिक राजनीति उन्हें हाशिए पर धकेलने की कोशिश कर रही थी, तब दुनिया के सबसे बड़े ज्ञान के केंद्र (कोलंबिया यूनिवर्सिटी) ने उनकी विद्वता का लोहा माना और उन्हें सिर आँखों पर बिठाया।

बाबासाहेब हमेशा कहते थे कि ‘शिक्षा वह शेरनी का दूध है, जो इसे पियेगा वह दहाड़ेगा।’ उन्होंने स्वयं इस बात को साबित करके दिखाया। कोलंबिया विश्वविद्यालय की यह मानद उपाधि इस बात का प्रमाण है कि जाति और जन्म के आधार पर खड़ी की गई दीवारें कितनी भी ऊंची क्यों न हों, ज्ञान और दृढ़ संकल्प के बल पर उन्हें ढहाया जा सकता है। आज भी कोलंबिया विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में बाबासाहेब डॉ. आंबेडकर की एक भव्य प्रतिमा लगी हुई है, जो दुनिया भर से आने वाले छात्रों को यह प्रेरणा देती है कि ज्ञान ही मुक्ति का एकमात्र मार्ग है।

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01 जनवरी : मूलनिवासी शौर्य दिवस (भीमा कोरेगांव-पुणे) (1818)

01 जनवरी : राष्ट्रपिता ज्योतिबा फुले और राष्ट्रमाता सावित्री बाई फुले द्वारा प्रथम भारतीय पाठशाला प्रारंभ (1848)

01 जनवरी : बाबा साहेब अम्बेडकर द्वारा ‘द अनटचैबिल्स’ नामक पुस्तक का प्रकाशन (1948)

01 जनवरी : मण्डल आयोग का गठन (1979)

02 जनवरी : गुरु कबीर स्मृति दिवस (1476)

03 जनवरी : राष्ट्रमाता सावित्रीबाई फुले जयंती दिवस (1831)

06 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. जयंती (1904)

08 जनवरी : विश्व बौद्ध ध्वज दिवस (1891)

09 जनवरी : प्रथम मुस्लिम महिला शिक्षिका फातिमा शेख जन्म दिवस (1831)

12 जनवरी : राजमाता जिजाऊ जयंती दिवस (1598)

12 जनवरी : बाबू हरदास एल. एन. स्मृति दिवस (1939)

12 जनवरी : उस्मानिया यूनिवर्सिटी, हैदराबाद ने बाबा साहेब को डी.लिट. की उपाधि प्रदान की (1953)

12 जनवरी : चंद्रिका प्रसाद जिज्ञासु परिनिर्वाण दिवस (1972)

13 जनवरी : तिलका मांझी शाहदत दिवस (1785)

14 जनवरी : सर मंगूराम मंगोलिया जन्म दिवस (1886)

15 जनवरी : बहन कुमारी मायावती जयंती दिवस (1956)

18 जनवरी : अब्दुल कय्यूम अंसारी स्मृति दिवस (1973)

18 जनवरी : बाबासाहेब द्वारा राणाडे, गांधी व जिन्ना पर प्रवचन (1943)

23 जनवरी : अहमदाबाद में डॉ. अम्बेडकर ने शांतिपूर्ण मार्च निकालकर सभा को संबोधित किया (1938)

24 जनवरी : राजर्षि छत्रपति साहूजी महाराज द्वारा प्राथमिक शिक्षा को मुफ्त व अनिवार्य करने का आदेश (1917)

24 जनवरी : कर्पूरी ठाकुर जयंती दिवस (1924)

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (1950)

27 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर का साउथ बरो कमीशन के सामने साक्षात्कार (1919)

29 जनवरी : महाप्राण जोगेन्द्रनाथ मण्डल जयंती दिवस (1904)

30 जनवरी : सत्यनारायण गोयनका का जन्मदिवस (1924)

31 जनवरी : डॉ. अम्बेडकर द्वारा आंदोलन के मुखपत्र ‘‘मूकनायक’’ का प्रारम्भ (1920)

2024-01-13 16:38:05